सैलरी देने में आनाकानी करे कंपनी तो उठाएं ये कदम

Photo by Pixabay on Pexels.com

ABHAY RAJ

कर्मचारी जिस प्रॉब्लम से सबसे ज्यादा जूझते हैं वह है सैलरी का न मिलना या सैलरी में कटौती हो जाना। ज्यादा तर कंपनियां कर्मचारियों कि सैलरी रोक लेती हैं जिससे वे निराश और हताश हो जाते हैं। यही नहीं यहाँ तक कि कर्मचारियों को बिना किसी वजह से कंपनी से निकाल दिया जाता है और सैलरी भी नहीं दी जाती है। अधिकाँश मौकों पर कर्मचारी परेशान और हताश जो जाते हैं और कोई भी एक्शन लेने में नाकाम रहते हैं।

आम तौर पर देखा गया है कि कर्मचारियों को कंपनियां एम्प्लोयी के तौर पर रख लेती हैं मगर उन्हें कोई अपॉइंटमेंट लेटर नहीं दिया जाता। जिससे वे कोई भी लीगल एक्शन नहीं ले पाते हैं। अक्सर ऐसा देखा गया है कि कर्मचारियों को लीगल पार्ट से बुल्किल अनजान रखा जाता है। ऐसे में कई बार उन्हें नौकरी से बिना किसी वजह से निकाल दिया जाता है और तो और उन्हें कोई भी सैलरी भी नहीं दी जाती है।

आपकी कंपनी आपको सैलरी देने में आना-कानि कर रही है तो आप परेशान न हों। हम आपको बताएँगे कि कैसे आप बिना किसी उन्माद के कैसे कंपनी से अपने हक़ कि सैलरीले सकते हैं। गौरतलब हो कि सरकार ने कर्मचारियों को कुछ अधिकार दिए हैं, जिनके बूते उनका पैसा हर हाल में सुरक्षित रखा जा सकता है। जरूरत है तो बस थोड़ी सी जागरूकता की।

हम इसी मामले को समझाने एक स्टोरी आपके लेकर आये हैं। इस स्टोरी को आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों तक जरूर शेयर करें जो इस प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं।

लीगल नोटिस भेजें

अगर आपकी कंपनी सैलरी देने से इनकार कर रही है तो आप उसे लीगल नोटिस भेज सकते हैं। इसके लिए आपको एक वकील करना होगा, जो इस तरह के मामले समझता हो।

समझौते का रास्ता

लीगल नोटिस भेजने के अलावा कर्मचारी समझौता भी कर सकता है। कर्मचारी को दिए जाने वाले लगभग सभी ऑफर लेटर में एक भाग होता है, जिसमें लिखा होता है कि किसी भी विवाद की स्थिति में मध्यस्थता यानी समझौते का रास्ता अपनाया जा सकता है। इसके अंर्तगत कर्मचारी मध्यस्थता और समझौता अधिनियम 1996 के प्रावधानों के अनुसार मामले को आगे बढ़ा सकता है। मध्यस्थता अदालत के बाहर विवाद को हल करने का एक तरीका है।

लेबर कमिशनर के पास जाएं

सैलरी न मिलने पर कर्मचारी अपने जिले के श्रम आयोग यानी लेबर कमीशन के पास भी जा सकता है। श्रम आयोग कर्मचारियों के अधिकारों के लिए लड़ती है।

कर सकते हैं केस

यदि लेबर कमिशनर के पास जाने पर भी समस्या का समाधान नहीं होता तो कर्मचारी कोर्ट जा सकते हैं। कोर्ट में वे इंडस्ट्रीयल डिस्प्यूट एक्ट, 1947 के सेक्शन 33 (C) के तहत केस दर्ज कर सकते हैं।

जा सकते हैं सिविल कोर्ट

यदि कोई कर्मचारी कंपनी के प्रबंधक या कार्यकारी स्तर के ऊपर के पद पर है तो वह नागरिक प्रक्रिया संहिता 1908 के तहत सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर कर सकता है। आगे जानिए कंपनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने से पहले आपके पास कौन-कौन से दस्तावेज होने चाहिए।

Photo by Sohel Patel on Pexels.com

रोजगार कांट्रेक्ट की प्रति

कंपनी के खिलाफ केस करने के लिए आपके पास इस बात का सबूत होना जरूरी है कि उस कंपनी ने आपको काम पर रखा था। इसके लिए कंपनी द्वारा दिया गया ऑफर लेटर या रोजगार कांट्रेक्ट होना अनिर्वाय है।

बैंक स्टेटमेंट

कंपनी ने आपको सैलरी नहीं दी है, इस बात को साबित करने के लिए अपने बैंक खाते के विवरण की एक प्रति भी जरूरी होती है।

कंपनी पर फ्रॉड का केस

यदि कोई कंपनी फ्रॉड करती है तो उसके खिलाफ कंपनीज एक्ट 2013 के सेक्शन 447 के तहत केस दर्ज हो सकता है।

कितने सालों की सजा

फ्रॉड साबित होने पर एम्प्लॉयर को 6 माह से 10 साल तक की जेल हो सकती है। एम्प्लॉई इंडियन पीनल कोड के तहत एम्प्लॉयर के खिलाफ आपराधिक केस भी दर्ज करवा सकते हैं। तो बस कर्मचारी किसी भी स्थिति में खुदको कमजोर न समझे। मगर हां अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी ध्यान रखें।

4 Comments Add yours

  1. Pallavi Bhattacharya says:

    कुछ खुद से भी लिख लिया करिए…मैं आपको अच्छा journalist समझती थी लेकिन आप तो copy पास्टर निकले अरिजीत जी…आपसे यह उम्मीद नहीं थी…blog में कोई copy paste नहीं करता है वह स्वयं का लिखा होता है

    http://www.divyasandesh.in/take-these-steps-if-the-company-refuses-to-give-salary/

    Like

    1. Arijit Bose says:

      Bhai vineet abhay raj hamare dost hain. unhonne hi ye writeup hume bheja. shayad aapne divya sandesh pe unka naam byline pe nahi padha. kab tak fake fb aur wp profile chalaoge yaar had hai.

      Like

    2. Arijit Bose says:

      apna naam socho pehle nisha ya pallavi

      Like

    3. Arijit Bose says:

      Even Rajendra K Gautam the editor knows this has been published. How foolish.

      Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s