“मैं पारंपरिक शिल्प को समकालीन दृष्टिकोण के साथ जोड़ता हूं”- शैलेश पंडित

हमें अपनी परंपरा का निर्वहन करना चाहिए। सिरेमिक आर्ट अपरंपरागत और अभिनव के लिए है…जो प्रकृति से संबंधित है…जो पांच तत्व हैं (आग,हवा,पानी,आकाश और पृथ्वी) शैलेश पंडित कला में प्राप्त पद्मश्री बी आर पंडित के सुपुत्र हैं। बातचीत के दौरान शैलेश ने बताया कि मैं नेचर को लेकर काम करता हूँ। प्रकृति में विभिन्न प्रकार के टेक्सचर मिलते हैं। मैं उन्हें बहुत करीब से देखता … Continue reading “मैं पारंपरिक शिल्प को समकालीन दृष्टिकोण के साथ जोड़ता हूं”- शैलेश पंडित

बापू ने लखनऊ पे भी अपनी अनूठी छाप छोड़ दी जो आज भी कोई मिटा ना सका

आज़ादी के परवानों के लिए स्वाधीनता संग्राम के समय बापू एक ऐसे महानायक बन चुके थे जिन्होंने अँग्रेज़ों को एक लाठी के दम पे धूल चटा दिया था । आज़ाद भारत के शूरवीरों में मोहनदास करमचंद गाँधी का नाम सुनहरे अक्षरों में आज भी दर्ज है । एक ऐसे समय जब बापू के जन्म के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, इस शहर का उनके … Continue reading बापू ने लखनऊ पे भी अपनी अनूठी छाप छोड़ दी जो आज भी कोई मिटा ना सका

जीवन की आपाधापी में कभी सिंधुताई जैसा बन के देखिएगा अच्छा लगेगा….

अमिताभ बच्चन के करमवीर एपिसोड में, सिंधुताई आईं उन्होने खेला भी, पर दुनिया उनको KBC के लिए नही, बल्कि उनके निस्वार्थ भाओ से काम करने के वजह से याद रखेगा. कभी घर से बहार निकाल दी गयी सिंधुताई ने जीवन में हर दुख भोगे. उन्होने शमशान के सूनी ज़मीन पर रात बिताई. उन्होने गली गली भीख माँगा. उन्होने ट्रेन पे  गाना भी गाया जिससे उन्हे … Continue reading जीवन की आपाधापी में कभी सिंधुताई जैसा बन के देखिएगा अच्छा लगेगा….

लखनऊ में मुट्ठीभर सब्ज़ी वालों ने उठाया संस्कृत को बचाने का ज़िम्मा

संस्कृत जगत में बदलाओ का सपना देखने वाले ये सब्ज़ीवाले हर दिन इस प्राचीन भाषा को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. संस्कृत को पढ़ना और पढ़ाना आजकल  कहीं गुम सा हो गया है. देश में अँग्रेज़ी और हिन्दी ही जब सही से ना बोल पायें तो संस्कृत का धूमिल होना तो लाज़मी है बताते हैं निशातगंज के सब्ज़ी वाले, जिन्होने संस्कृत  को प्रचलित करने … Continue reading लखनऊ में मुट्ठीभर सब्ज़ी वालों ने उठाया संस्कृत को बचाने का ज़िम्मा

बेपनाह मोहब्बत के बादशाह राज कपूर भी कभी अकेलेपन के शिकार थे

सारी दुनिया पर राज करने वाला शोमेन जब नरगिस से बिच्छरा तो यून लगा मानो तन्हाई उसकी सहेली बन गयी हो| उसके टूटे दिल को कोई तब संभाल ना पाया…… हम लोग ऐसे समय में जीते हैं जब लिंक अप और ब्रेक अप  आम बात है, पर कुछ किस्से  ऐसे भी हैं बॉलीवुड में जो इन सब के बहुत ऊपर है| क्या ग़ज़ब संयोग है … Continue reading बेपनाह मोहब्बत के बादशाह राज कपूर भी कभी अकेलेपन के शिकार थे

कॅन्सर की बाज़ी जीत के मानवता की सेवा करने वाले को मटका मॅन कहते हैं

कॅन्सर आदमी को अंदर से खोखला बना देता है. इंसान की रूह अक्सर काँप जाती है इस बीमारी से. बहुत ही कम लोग ज़िंदा बच पाते हैं इसके अभिशाप से. एक ऐसे युग में जब नामचीन सितारे अपने कॅन्सर से लड़ाई के बारे में ट्वीट करते थकते नहीं, तो एक ऐसे इंसान की कहानी जो लड़ा भी, विजयी भी हुआ और आख़िरकार अब वो समाज … Continue reading कॅन्सर की बाज़ी जीत के मानवता की सेवा करने वाले को मटका मॅन कहते हैं

यादों के झरोखों से: मल्हौर की बातें एमिटी वासी ही जाने

राजेश खन्ना ने कभी कहा था – वो भी एक दौर था और ये भी एक दौर है. अपने ज़माने का सुपरहित डाइलॉग था. आज वोही बात दोबारा याद आ गयी जब मल्हौर फ्लाइ ओवर का चित्र दोस्त के FB स्टेटस पर देखा. जब से एमिटी, मल्हौर गया, सब लोगों ने मेरी तरह मल्हौर क्रॉसिंग को पानी पी पी के कोसा था. गाड़ी की लंबी … Continue reading यादों के झरोखों से: मल्हौर की बातें एमिटी वासी ही जाने