मुंबई की चकाचौंद में भी अपने हमीरपुर के लोगों का दर्द आज भी झकझोर के रख देता है जयविजय को

मुंबई की चकाचौंद में भी अपने हमीरपुर के लोगों का दर्द आज भी झकझोर के रख देता है जयविजय को

जय तुम्हारी हमेशा विजय हो, अपने कॉलेज के टीचर हमेशा उससे कहा करते थे। जिस लड़के को कभी एक लड़की … Continue reading मुंबई की चकाचौंद में भी अपने हमीरपुर के लोगों का दर्द आज भी झकझोर के रख देता है जयविजय को

“मैं पारंपरिक शिल्प को समकालीन दृष्टिकोण के साथ जोड़ता हूं”- शैलेश पंडित

“मैं पारंपरिक शिल्प को समकालीन दृष्टिकोण के साथ जोड़ता हूं”- शैलेश पंडित

हमें अपनी परंपरा का निर्वहन करना चाहिए। सिरेमिक आर्ट अपरंपरागत और अभिनव के लिए है…जो प्रकृति से संबंधित है…जो पांच … Continue reading “मैं पारंपरिक शिल्प को समकालीन दृष्टिकोण के साथ जोड़ता हूं”- शैलेश पंडित

एक मा ऐसी भी : मया, मोह और ममता से परिपूर्ण गौरी सावंत ने एक नयी मिसाल पेश की है

एक मा ऐसी भी : मया, मोह और ममता से परिपूर्ण गौरी सावंत ने एक नयी मिसाल पेश की है

किसी किन्नर को धिक्कारने से पहले सोचिएगा, क्या भगवान के अर्धनारेश्वर रूप को आप नकार पाएँगे? या फिर क्या आप … Continue reading एक मा ऐसी भी : मया, मोह और ममता से परिपूर्ण गौरी सावंत ने एक नयी मिसाल पेश की है